स्वराज फाउंडेशन

ज़िद युवा हक़ की

सांसे हो रहीं कम, आओ वृक्ष लगायें हम I

बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ I

स्वराज फाउंडेशन का गठन क्यों किया गया ?

"आज पुरे देश में हर धर्म, हर जाति, हर वर्ग के लोग चाहे धनवान हों या गरीब, दबे कुचले, शोषित हों या पीड़ित, युवा या बड़े-बुजुर्ग, महिलायें हों या बच्चे, शहर में रहने वाले लोग या गांव के निवासी सभी के सामने भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है | राजनैतिक दलों से आम आदमी का विश्वास उठ चूका है, राजनैतिक दल सत्ता हथियाने के चक्कर में आम आदमी का इस्तेमाल कर रहे हैं | सत्ता में आने से पहले चुनावों से पूर्व ये राजनैतिक दल तमाम मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं तथा साम-दाम-दंड-भेद की रणनीति अपनाकर भोली जनता को मुर्ख बनाते हैं | यहाँ तक कि वोट की गन्दी राजनीति के तहत ये राजनैतिक दल सांप्रदायिक दंगा भडकाने में भी पीछे नही रहते | अपना उल्लू सीधा कर, सत्ता हासिल करके अपने किये वायदों व कार्यनीतियों से मुकर जाते हैं | आज देश में ऐसे देशभक्त लोगों कि संख्या कम नही है, जो देश सेवा के लिए अपना तन-मन-धन सब न्योछावर करने को तैयार हैं | और लोगों ने कई मौकों पर यह सिद्ध भी किया है | एक आम आदमी जिसके सीने में वर्तमान व्यवस्था के खिलाफ़ एक दर्द मौजूद रहा है, ने देश सेवा के लिए समय-समय पर राजनैतिक दलों का दामन थामा था और स्वराज के लिए दिन-रात महनत करके आम जनता को भरोसा दिलाया था कि अमुक दल आम आदमी के हितों के लिए समर्पित भाव से व्यवस्था परिवर्तन के लिए कार्य करेगा और स्वच्छ छवि के लोगों को चुनाव में उतारेगा किन्तु नतीजा शिफर निकला | Read More...